बिजली विभाग के कर्मियों ने किया विरोध निजीकरण से है नाराज



निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों में आक्रोश


मेरठ। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी डिस्कॉम के तीन चरणों में प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ प्रदेशभर के बिजली कर्मियों में आक्रोश है। इसे रोकने के लिए विभाग के सभी संगठनों ने संयुक्त संघर्ष समिति बनाकर आंदोलन की रुपरेखा तैयार करना शुरू कर दिया है। पिछले कई दिन से जहां जनप्रतिनिधियों को मांग ज्ञापन सौंपकर निजीकरण रोकने की अपील की जा रही है वहीं दो अक्तूबर को बड़ा प्रदर्शन कर आंदोलन की घोषणा की जा सकती है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक रोहित कुमार और सह संयोजक राम आशीष कुुशवाहा ने बताया कि अब तक आगरा और ग्रेटर नोएडा में हुए निजीकरण के परिणाम खराब रहे हैं। इससे बिजली महंगी हुई है और लगातार घाटा भी बढ़ रहा है। अगर सरकार ने वाराणसी के साथ बाकी डिस्कॉम का निजीकरण किया तो उपभोक्ताओं को 10 रुपये प्रति यूनिट से ज्यादा महंगी बिजली लेने को मजबूर होना पड़ेगा। जिले के अमूमन सभी जनप्रतिनिधियों को मांग ज्ञापन सौंप दिए हैं। जो सांसद और विधायक बचे हैं उन्हें भी एक दो दिन में मांग ज्ञापन देकर निजीकरण रोकने की अपील की जाएगी।

विरोध सभा और मशाल जुलूस आज


मेरठ। निजीकरण के खिलाफ सोमवार को बिजली कर्मचारी शाम चार बजे सिविल डिविजन पर इकट्ठा होकर विरोध सभा करेंगे और बाद में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाएगा। यह जानकारी बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्य दिलमणी प्रसाद थपलियाल ने दी है।

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