बेसिक शिक्षा विभाग से अन्तर्जनपदीय तबादले पर रोक हटी महिला पुरुष विकलांग को कितना मिलेगा लाभ जाने,

उत्तर प्रदेश मे बहुत पहेल से ही यह प्रक्रिया रोकी गई थी जिससे शिक्षक नाराज थे और इसे शुरू करने के लिए आंदोलनरत थे रविवार को देर शाम मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा अपने ट्विटर अकाउंट से दी|

प्रतिकारात्मक तस्वीर


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापकों को बड़ी राहत दी है। सीएम ने अंतर्जनपदीय तबादलों पर लगी रोक हटा दी है।अब टीचरों के एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर हो सकेंगे। इस बार यह तबादले ऑनलाइन होने हैं, लॉकडाउन के चलते यह प्रक्रिया रोक दी गई थी। एक लाख से अधिक शिक्षकों ने ट्रांसफर के लिए आवेदन किए थे, इनमें से  लगभग 54000 से ज्यादा अध्यापकों के ट्रांसफर होंगे। बताया जा रहा है कि सीएम के इस आदेश के बाद महिला शिक्षकों, दिव्यांगों गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को वरीयता दी जाएगी। 

बता दें कि योगी सरकार ने लॉकडाउन से पहले शिक्षकों की ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव किया था। नई पॉलिसी के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए 5 साल की समय सीमा को घटाकर 3 साल कर दिया गया था। सरकार ने महिलाओं को बड़ी राहत दी थी। उनके लिए तबादले की समय सीमा को सिर्फ 1 साल किया गया था। सरकार ने फौजियों की पत्नी को ट्रांसफर में प्राथमिकता देना निश्चित किया था। इसके अलावा गंभीर रूप से पीड़ित शिक्षकों को भी तबादले में सुविधा देने की बात कही थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद सरकारी प्राइमरी स्कूलों में 54,120 शिक्षक-शिक्षिकाओं के अन्तरजनपदीय तबादलों की अनुमति दे दी गई है। ये तबादले शिक्षक-शिक्षिकाओं को सहूलियत देने के लिए किए गए हैं। तबादले के लिए फरवरी तक आवेदन लिए गए थे।

लॉकडाउन के कारण इस पर रोक लग गई थी। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि तबादले संबंधी सभी आवेदन पत्रों को एनआईसी के सॉफ्टवेयर के माध्यम से मानकों के मुताबिक जांचते हुए मंजूरी दी गई। इन तबादलों से पूरे देश में एक मिसाल स्थापित की गई है।

इस स्थानान्तरण प्रक्रिया से 28,306 महिला और 25,814 पुरुष शिक्षकों को लाभ मिलेगा। इनमें 917 शिक्षक-शिक्षिकाएं सशस्त्र बलों के जवानों के परिवारों से जुड़े हैं, जिन्हें यह सुविधा वरीयता पर दी गई है।इनके अलावा दिव्यांगजन श्रेणी के 2,285 स्थानान्तरण संबंधी आवेदन पत्रों को भी मंजूरी दी गई है। गंभीर व असाध्य बीमारी से ग्रसित 2,186 लोगों को स्थानान्तरण का लाभ दिया गया। तबादले की यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। महिला शिक्षकों, दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को वरीयता मिलेगी। इसमें से करीब 9000 परस्पर स्थानांतरण के मामले हैं।

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